10th CRICKET WORLD CUP: टीम इंडिया बनी चैंपियन, 28 साल बाद दोबारा जीता वर्ल्ड कप

10th CRICKET WORLD CUP: टीम इंडिया बनी चैंपियन, दसवां क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 में भारत, श्रीलंका तथा बंग्लादेश में आयोजित किया गया था। इस क्रिकेट विश्व कप का फाइनल मैच भा रत और श्रीलंका के बीच मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था। जिसमें भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर वर्ल्ड कप जीता था।

भारत ने विश्व कप टूर्नामेंन्ट के अपने पहले ही मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश को 87 रन से हराया। भारत का दूसरा मैच इंग्लैंड के साथ टाॅई रहा। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम के हाथों 3 विकेट से शिकस्त मिली। ग्रुप दौर के मैचों में टीम इंडिया ने 6 मैचों में से चार में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच टूर्नामेंट का पहला सेमीे-फाॅइनल 29 मार्च को खेला गया। श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। टीम इंडिया बनी चैंपियन

पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश

टीम इंडिया बनी चैंपियन, टूर्नामेंट के दूसरा सेमीफॉइनल 30 मार्च को मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सचिन के 85 रनों की मदद से नौ विकेट के नुकसान पर निर्धारित 50 ओवर में 260 बनाए। पाकिस्तान की ओर से वहाब रियाज़ ने शानदार गेदबाज़ी करते हुए 5 विकेट झटके। जबाव में पाकिस्तानी टीम नियमित अंतराल में अपने विकेट गवांती गई और 49.5 ओवर में 231 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। सचिन तेंदुलकर को उनकी 85 रन की महत्वपूर्ण पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

श्रीलंकाई कप्तान कुमार सगांकारा ने टाॅस जीता

विश्वकप के इतिहास में पहली बार दोनों सह-मेजबान देश भारत और श्रीलंका फॉइनल में पहुंचे। दर्शकों का शोर ज्यादा होने के कारण पहली बार किसी विश्व कप फाॅइनल मैंच में टाॅस को दोबारा उछाला गया। श्रीलंकाई कप्तान कुमार सगांकारा ने टाॅस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उपल थंरगा और तिलरत्ने दिलशान ने पारी की शुरूआत की। लेकिन जहीर खान की कसी हुई गेंदबाजी ने दोनों बल्लेबाजो को खुलकर रन नहीं बनाने दिए और जल्द ही पारी के सातवें ओवर मेें जहीर खान ने थरंगा को सहवाग के हाथों कैच आऊट करवा कर टीम को पहली सफलता दिलाई। तीसरे नंबर पर आये कुमार सगांकारा ने दिलशान के साथ मिल कर पारी को आगे बढ़ाया और टीम का स्कोर 50 के पार पहुंचाया।

श्रीलंका ने छह विकेट पर 274 रन बनाए

60 रन के स्कोर पर तिलरत्ने दिलशान हरभजन सिंह की एक गेंद को समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए।

उपकप्तान महेला जयवर्धने ने सगांकारा के साथ मिल कर तीसरे विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की।

युवराज सिंह ने धोनी के हाथों संगाकारा को 48 के निजी स्कोर पर स्टंप करवाया।

समरवीरा ने भी पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया और टीम को ढे़ढ सौ के पार पहुंचा दिया।

39वें ओवर में समरवीरा को युवराज सिंह ने 21 के स्कोर पर एलबीडबल्यू कर दिया।

 

जहीर खान और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट झटके

जल्द ही जहीर खान ने कपुगेदरा को 1 रन पर आऊट करके श्रीलंकाई पारी को खतरे में डाल दिया।

यहां से कुलाशेखरा ने उपकप्तान का बढ़िया साथ निभाया और टीम के स्कोर को ढाई सौ के करीब ले गए।

थिसारा परेरा ने आखिरी ओवरों में तेजी से बल्लेबाजी की, वहीं जयवर्धने ने शानदार शतक लगाया।

50 ओवर की समाप्ति पर श्रीलंका ने छह विकेट पर 274 रन बनाए।

भारत की तरफ से जहीर खान और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट झटके।

 

भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही

275 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही।

जब पारी की दूसरी ही गेंद पर विस्फोटक बल्लेबाज विरेन्द्र सहवाग लंसिथ मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्लयू आऊट हो गए।

अभी टीम पहले झटके से ऊभरी भी नहीं थी कि सचिन तेंदुलकर भी 18 रन बनाकर विकेट के पीछे संगाकारा को कैच दे बैठे।

31 रन पर दो विकेट गिर जाने के बाद विराट कोहली और गौतम गंभीर ने पारी को संभाला

और तीसरे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की।

पारी के 19वें ओवर में गौतम गंभीर ने अपना अर्धशतक पूरा किया।

22वें ओवर में दिलशान ने अपनी ही गेंद पर विराट कोहली को कैच आऊट कर पवेलियन भेज दिया।

एतिहासिक छक्का लगाकर धोनी ने भारत को जीत दिलाई

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गौतम गंभीर के साथ मिल कर पारी को आगे बढ़ाया।

दोनो खिलाङियों के बीच चौथे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी हुई।

शतक बनाने के करीब पहुंचे गौतम गंभीर परेरा की एक गेंद को समझ नहीं सके और 97 के स्कोर पर आउट हो गए।

नंबर छह पर आये युवराज सिंह ने कप्तान धोनी का बखूबी साथ दिया और भातीय टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया।

कुलाशेखरा की गेंद पर एतिहासिक छक्का लगाकर धोनी ने भारत को छह विकेट से जीत दिला दी।

युवराज सिंह 21 रन तथा धोनी 91 रन पर नाबाद लौटे।

 

28 साल बाद दोबारा वर्ल्ड कप खिताब जीता

महेंद्र सिंह धोनी को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

वहीं पूरे टूर्नामैंट में अपने हरफनमौला खेल के लिए युवराज सिंह को मैन ऑफ द टूर्नामैंट के खिताब से नावाज़ा गया।

इस तरह भारत ने 28 साल बाद दोबारा क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब जीता।

इससे पहले 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप जीता था।

 

9th WORLD CUP 2007: जब लगातार तीसरी बार आस्ट्रेलिया ने जीता वर्ल्ड कप

Leave a Comment

Your email address will not be published.