8th CRICKET WORLD CUP: आस्ट्रेलिया ने जीता तीसरी बार ख़िताब, भारत फ़ाइनल में हारा

8th CRICKET WORLD CUP: आस्ट्रेलिया ने जीता, 8वां क्रिकेट वर्ल्ड कप 2003 में दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था, इस वर्ल्ड कप में पहली बार सबसे अधिक 14 टीमों ने भाग लिया, जिनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलेंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़, जिम्बाबे, बंगलादेश, केन्या, नामीबिया, नीदरलैंड तथा कनाडा की टीमें शामिल थीं, इन टीमों को सात सात के दो ग्रुप में बांटा गया, पहले ग्रुप से आस्ट्रेलिया भारत और जिम्बाबे ने तथा दुसरे ग्रुप से श्रीलंका केन्या और न्यूजीलेंड ने सुपर सिक्स में प्रवेश किया।

सुपर सिक्स में पहुंचने वाली टीमों में हुए मुकाबले के बाद चार टीमों आस्ट्रेलिया, भारत, श्रीलंका तथा केन्या ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर फ़ाइनल में प्रवेश किया जबकि भारत ने केन्या को बड़े अंतर से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई। आस्ट्रेलिया ने जीता..

टॉस जीतकर टीम इंडिया ने फील्डिंग करने का फैसला

23 मार्च को जोहान्सबर्ग में फ़ाइनल मुकाबला खेला गया, टॉस जीतकर टीम इंडिया ने फील्डिंग करने का फैसला किया। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बताया कि मैदान पर पहले आधे घंटे जो स्विंग मौजूद है, टीम इंडिया उसका लाभ लेकर कंगारू टीम को बैकफुट पर धकेलना चाहेगी और रन चेजिंग में उनकी टीम खुद को सहज महसूस करती है, तो ऐसे में वह पहले फील्डिंग करना ही पसंद करेंगे।

 

जहीर ने पहले ओवर में 15 रन खर्च किए

उधर कंगारू कप्तान ने बताया कि वह टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना ही पसंद करते। अब खेल शुरू हुआ और पूरे जोश के साथ टीम इंडिया मैदान पर उतरी। दर्शकों का भारी समर्थन टीम इंडिया के लिए मौजूद था। पहला ओवर जहीर खान फेंक रहे थे। जहीर खान की स्विंग लेती शुरुआती गेंद पर एडम गिलक्रिस्ट थोड़ा असहज दिखे तो जहीर ने इस बल्लेबाज को कुछ शब्द बोलकर उकसा दिया। फिर क्या था। कंगारू टीम ने कभी स्लेजिंग बर्दाश्त ही नहीं की और गिलक्रिस्ट ने अब अगली गेंद से ही प्रहार जमाना शुरू कर दिया। जहीर ने पहले ओवर में कुल 15 रन खर्च किए।

भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई

हरभजन सिंह ने यहां भारत को पहली सफलता दिलाई और खतरनाक हो रहे एडम गिलक्रिस्ट (57) को आउट किया। इसके 20 रन बाद मैथ्यू हेडन (37) को भज्जी ने अपना दूसरा शिकार बनाया। लेकिन अब डेमिन मार्टिन और रिकी पोन्टिंग की जोड़ी ने मैच में अपनी पकड़ बना ली और भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

359 रन का विशाल स्कोर

अगले 30 ओवर भारतीय गेंदबाज सिर्फ पिटाई खाते रहे,

मार्टिन और पोंटिंग की जोड़ी ने 234 रन की साझेदारी कर 50 ओवर में 359 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

पोंटिंग ने 8 छक्के और 4 चौके बरसाकर 140 रन की नाबाद पारी खेली।

वहीं मार्टिन ने भी 84 बॉल में 88 रन की अपनी पारी में 7 चौके और 1 छक्का जमाया।

भारत पर इस टारगेट का दबाव दिख

अब भारत के सामने 360 रन का विशाल लक्ष्य था।

भारत पर इस टारगेट का दबाव दिख रहा था

और पहले ही ओवर में सचिन तेंडुलकर 4 रन बनाकर ग्लेन मैक्ग्रा की बॉल पर आउट हो गए।

10वें ओवर में भारत का स्कोर 58 रन था तभी कप्तान सौरभ गांगुली (24) भी पबेलियन लोट गए।

इसके बाद राहुल द्रविड़ (47) और वीरेंदर सहवाग (82)

ने चौथे विकेट के लिए 88 रन जोड़कर कुछ उम्मीदें जरूर बंधाई,

लेकिन सहवाग के रन आउट होते ही भारत की रही-सही उम्मीदें भी टूट गई।

अब टीम इंडिया निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाती रही और 234 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई।

भारत यहां दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने से चूक गया।

जबकि आस्ट्रेलिया ने लगातार दूसरी बार तथा कुल तीसरी बार क्रिकेट वर्ल्ड कप पर कब्ज़ा कर लिया।

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