सिंगल मेल पेरेंट अकेले कैसे करें अपने बच्चे की परवरिश, जानिए 7 टिप्स

Single Male Parent, How To Raise Child Alone : पिछली पीढ़ियों की तुलना में, वर्तमान पीढ़ी ने एकल पिता यानी सिंगल फादर या सिंगल मेल पेरेंट (Single male parent) की संख्या में बहुत बड़ी संख्या में वृद्धि देखी है. पहले के समय में जो सिंगल मेल पेरेंट देखे भी गए, वो किसी ना किसी कारणवश सिंगल पेरेंट थे, और वो कारण या तो उनके साथी मृत्यु की वजह थी या फिर तलाक की वजह. लेकिन जैसे-जैसे साल बीतते गए, विभिन्न जोड़ों के बीच तलाक को प्रमुखता मिली और इसने एकल पिता यानी सिंगल फादर (Single Father) की मदद की जरूरत को बढ़ा दिया. आज, 21वीं सदी में तलाक और पार्टनर की मृत्यु के मामले सिंगल पेरेंटहुड  (single parenthood) का एकमात्र कारण नहीं हैं. बल्कि अब सिंगल फादर के अधिक होने के कई कारण हैं. सबसे पहले आइए जानें कि “एक परिवार” से हमारा क्या मतलब है? वैसे तो इसकी कई परिभाषाएं सामने आई हैं, लेकिन यहां हमारे उद्देश्य के लिए, हम इसे एक ऐसे समाज में मूल इकाई के रूप में परिभाषित करते हैं, जिसमें दो माता-पिता अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं.

एक एकल माता-पिता (single parents) को एक ऐसे पेरेंट के रूप में परिभाषित किया जाता है जो अन्य पेरेंट्स (खुद के माता-पिता) का सपोर्ट लिए बिना अकेले पितृत्व (parenthood) की जिम्मेदारी निभाता है. मैरिजडॉटकॉम के अनुसार यहां तक की उस पेरेंट को भी सिंगल पेरेंट माना जाएगा, जो परिवार में अन्य वयस्कों और बच्चों के मौजूद होने के बावजूद भी किसी और के साथ भागीदारी नहीं करता है.

यह भी पढ़ें- 

YOGA SESSION: तन-मन की सेहत के लिए इंद्रियों का सक्रिय होना जरूरी, ऐसे में जरूर करें प्राणायाम

ये बिल्कुल स्पष्ट है कि हमें सिंगल फादर्स के लिए मदद की जरूरत है, खासकर आज की पीढ़ी में. क्योंकि ज्यादातर पिता अपने साथी की मदद के बिना ही अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं. ये उन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप आते हैं जिन्हें टाला नहीं जा सकता, जिनमें शामिल हो सकते हैं…

-मां की मृत्यु

-मां की गैरजिम्मेदारी

-तलाक

-अनचाही गर्भावस्था

-सिंगल पैरेंट एडॉप्शन

सिंगल फादर्स के लिए मदद उतनी ही अहम और बहुत जरूरी है, जितनी सिंगल मदर्स के लिए मदद की जरूरत होती है. सिंगल फादर की मदद कई तरह से की जा सकती है

कम्यूनिटी सपोर्ट ग्रुप

सिंगल माताओं के लिए विभिन्न समुदाय पूर्ण समर्थन करते हैं, जिसमें वे सिंगल मदर्स के लिए सहायता प्रदान करते हैं. लेकिन सिंगल डैड्स की संख्या में वृद्धि के साथ ही उनकी सहायता के लिए भी कई कम्यूनिटी ग्रुप्स आगे आए हैं. ये हेल्प ग्रुप्स सिंगल फादर को समान विचारधारा वाले लोगों से मिलने, सहायता प्राप्त करने और बदले में कुछ प्रदान करने में मदद करेंगे.

अपनी बेटियों-बेटों के लिए फीमेल मेंटर्स 

सिंगल फादर को अपने बच्चों के लिए मेंटर्स की जरूरत होती है, या तो पुरुष मेंटर या महिला मेंटर. उनकी बेटियों को महिला रोल मॉडल की जरूरत है, जिसे वे देख सकें और उन्हें प्रेरित कर सकें. वही मामला बेटों पर लागू होता है, जिन्हें संबंधपरक मॉडल (relational models) की जरूरत होती है, जो केवल महिलाएं ही उन्हें प्रदान कर सकती हैं. एक सिंगल फादर के तौर पर, अपने पड़ोसियों, बहनों, चचेरे भाई, सहकर्मियों, आदि सहित अपने प्रभाव के दायरे में उन महिलाओं की तलाश करें, जो महिला दृष्टिकोण (female perspective) से उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कुछ घंटे समर्पित करने के लिए तैयार हैं.

यह भी पढ़ें-

प्रेग्नेंसी में स्टॉबेरी खाने के फायदे, जानें कितनी मात्रा में करें इस फल का सेवन

सरकारी और सामाजिक सेवा कार्यक्रम

सिंगल फादर सरकारी कार्यक्रमों का व्यापक उपयोग करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जो सिंगल पेरेंटिंग के लिए फाइनेंशियल हेल्प प्रदान करते हैं. लॉन्ग टर्म में उनका लाभ उठाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए नामांकन करें.

ऑनलाइन रिसोर्सेज

वेब पर जो कुछ भी उपलब्ध है, वह सिंगल पिता की तुलना में सिंगल और मैरिड मदर्स के लिए है. ये रिसोर्सेज अक्सर बच्चों की परवरिश, सिंगल पेरेंटिंग के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और कई अन्य टिप्स की रूपरेखा देते हैं, जो सिंगल फादर के लिए मददगार हो सकते हैं. सौभाग्य से, सिंगल फादर के लिए और उनके बच्चों के फायदे के लिए कुछ ऑनलाइन संसाधन मौजूद हैं. जिनमें कुछ पेरेंटिंग एजुकेशन पोर्टल हैं और कुछ अन्य टूल किट हैं जो आपको एक अच्छे पिता बनने में मदद करेंगे.

एक ग्रुप ज्वाइन करें

अपने बच्चे के साथ कुछ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के रूप में एक समूह में शामिल होना नए रिलेशन बनाने का बेहतर तरीका हो सकता है. इससे आपको अपने बच्चे के साथ प्रोडक्टिव टाइम बिताने में मदद मिलेगी और आपको ये भी पता चलेगा कि अन्य पेरेंट्स अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए और क्या-क्या करते हैं.

यह भी पढ़ें-

सूखी खांसी से रात में नहीं आती नींद, तो आज ही अपनाएं ये घरेलू उपाय

यदि आप एक तलाकशुदा पिता हैं और आपका काफी बिजी शेड्यूल रहता है, तो इस तरह की एक्टिविटी और शौक न केवल आपको अपने बच्चे के साथ समय बिताने देंगे बल्कि इससे पिता-पुत्र या पिता-पुत्री के रिश्ते को मजबूत करेंगे. इससे आपके बेटे या बेटी के ओवरऑल डेवलपमेंट में भी मदद मिलेगी. अंततः ये एक बेहतर वर्क लाइफ बैलेंस ओर ले जाएगा.

अपने परिवार में घुलें-मिलें

आप एक अच्छे पिता बनने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. लेकिन अपने पिता के कर्तव्यों को निभाने के लिए अपनी सीमाओं से परे खुद को खींचना एक अच्छा पिता नहीं है. एकल पिता के रूप में कभी-कभी अकेलापन और उदास महसूस करना जाहिर सी बात है. ऐसे में किसी की मदद मांगना कोई ऐसी चीज नहीं है जिसके लिए आपको शर्म आनी चाहिए. आपके सबसे करीब आपका खुद का परिवार होता है, आपके बच्चे के दादा-दादी, चाचा और चाची न केवल बच्चे को पालने में आपकी मदद करेंगे बल्कि उसे सामाजिक भी बनाएंगे. और इससे ये बंधन केवल मजबूत, बेहतर, स्वस्थ और खुशहाल ही होने वाला है.

वित्तीय सलाह लें

सिंगल फादर के लिए तलाक के बाद का जीवन कई बार भारी पड़ सकता है. इसलिए, तलाकशुदा पिता के लिए एक और सलाह है कि वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने के लिए किसी वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें. ये देखते हुए कि आप घर के मुखिया हैं, आपको अपने मासिक खर्चों का बजट और पैसों को जमा करने के लिए कुछ धन प्रबंधन (money management) सलाह की आवश्यकता होगी. इससे आपको अपने पैसे को अलग-अलग जरूरतों के लिए अधिक मेहनती तरीके से आवंटित करने में मदद मिलेगी.

सिंगल फादर्स के लिए एक बेहतर डैड होने का मतलब अकेले खड़े रहना नहीं है. इसलिए, अपने आस-पास के संसाधनों का उपयोग करें और अपने और अपने बच्चे के जीवन को अधिक संतुलित बनाएं.

Tags: Lifestyle, Parenting, Parenting tips

Leave a Comment

Your email address will not be published.