Former NSE National Stock Exchange CEO and managing director Chitra Ramakrisha has been arrested by the CBI

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Highlights

  • चित्रा रामकृष्ण को CBI ने किया गिरफ्तार
  • एनएसई कोलोकेशन मामला: अदालत ने चित्रा रामकृष्ण को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ चित्रा रामकृष्ण को रविवार देर रात केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है।सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, आनंद सुब्रमण्यम जिसे चित्रा रामा कृष्णा (मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीओ ऑफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्च 2013 से दिसम्बर 2016) ने अप्वॉइंट किया था इससे सीबीआई ने चेन्नई में पिछले तीन दिनों से लगातार पूछताछ की है। इसके अलावा मुम्बई में सेबी दफ्तर से इस केस से जुड़े अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक एविडेन्स बरामद किए हैं और जांच लगातार जारी है। 

इससे पहले इस मामले में हाल ही में सीबीआई ने NSE की पूर्व एमडी और चैयरमैन चित्रा रामकृष्ण से भी पूछताछ कर चुकी हैं। दरअसल, ये घोटाला साल 2013 से 2016 के बीच का है उस वक्त चित्रा रामकृष्ण NSE एमडी के पद पर कार्यरत थी। साल 2016 में चित्रा ने NSE से इस्तीफा दे दिया था।


वहीं हाल ही में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मुंबई में उनके घर पर छापा मारा था। चित्रा का मामला तब सामने आया जब सेबी ने देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में अप्वाइंटमेंट में गड़बड़ी और एक गुमनाम व्यक्ति को सीक्रेट जानकारियां लीक करने के आरोप में चित्रा पर 3 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई।

सीबीआई ने हाल ही में चित्रा रामा कृष्णा, रवि नारायण और आनंद सुबर्नियम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था ताकि वो देश छोड़कर न जा सके। रवि नारायण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE के अप्रैल 1994 से लेकर मार्च 2013 ( लंबे टेन्योर ) तक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीओ थे, इसके बाद इन्हें NSE में नॉन एक्सिक्यूटिव केटेगरी में वाइस चेयरमैन के तौर पर अपॉइंट किया गया अप्रैल 2013 से जून 2017 तक जिसके बाद इन्होंने इस्तीफा दे दिया।

चित्रा रामा कृष्णा NSE की मार्च 2013 से दिसंबर 2016 तक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रही। रवि नारायण से भी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कोलोकेशन घोटाले और सिलेक्टेड ब्रोकर्स को सहूलियत दी गई जिससे वो नफा फायदा तय करते थे इस मामले में पूछताछ की गई। सीबीआई ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के तत्कालीन टॉप मैनेजमेंट का रोल समझने के लिए जांच शुरू की।

11 फरवरी को सेबी ने वेबसाइट पर अपना ऑर्डर अपलोड किया जिसमें पूरी डिटेल्स साझा की गई कि कैसे चित्रा रामा कृष्णा ने हिमालय में बैठे योगी गुरु के निर्देश पर आनंद सुबर्नियम को 1:05 करोड़ रुपए की सैलरी पर अपॉइंट किया जिस योगी बाबा को ये सिर्फ ईमेल के जरिए जानती थी और इस योगी बाबा को ये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े अहम दस्तावेज, कस्टमर की डिटेल्स मेल पर साझा करती थी।

मई 2018 में सीबीआई ने NSE मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू की। चित्रा रामा कृष्णा और रवि नारायण के बयानों के आधार पर सीबीआई ने पिछले तीन दिनों से चेन्नई में आनंद सुबर्नियम से पूछताछ की और मुंबई के सेबी दफ्तर से अहम दस्तावेज बरामद किए। आनंद, चित्रा रामा कृष्णा का चीफ स्ट्रेटेजिक एडवाइजर अप्रैल 2013 में था जिसके बाद उसे 1 अप्रैल 2015 से 15 अक्टूबर 2016 के बीच ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर और एडवाइजर बना दिया गया था।

 

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