शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के निवेशक कैसे बचाएं Tax? जानिए टैक्स सेविंग टिप्स

अगर किसी म्यूचुअल फंड के लिए 65 फीसदी डेट एक्सपोजर है तो इसे डेट फंड कहते हैं. डेट फंड के लिए तीन साल यानी 36 महीने से कम शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के अंतर्गत आता है.

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के निवेशक कैसे बचाएं Tax? जानिए टैक्स सेविंग टिप्स

31 मार्च तक कैपिटल गेन को लेकर तैयारी कर लें.

वित्त वर्ष 2021-22 अपने आखिरी चरण में है. 1 अप्रैल से चालू वित्त वर्ष के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income tax return) जमा किया जाएगा. ऐसे में इन्वेस्टर्स को प्लानिंग अभी से शुरू कर देनी चाहिए. अगर आप शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के निवेशक (Mutual fund investors) हैं और चालू वित्त वर्ष में अपने निवेश को रिडीम किया है तो टैक्स की बारिकी को समझना जरूरी है. इस समय टैक्स सेविंग के टिप्स (Tax saving tips) आपके लिए बहुत काम की चीज है. अगर अपने निवेश को रिडीम नहीं किया है तो प्लानिंग के साथ रिडीम कर फायदा भी उठाया जा सकता है. अगर आपने इक्विटी में निवेश (Share market investors)किया है तो 1 साल के भीतर रिडीम करने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लगता है. उसके बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का नियम लागू होता है.

अगर आपने शेयर में निवेश किया है और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन होता है तो इस गेन पर फ्लैट 15 फीसदी का टैक्स लगता है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन 1 लाख तक फ्री है. कैपिटल गेन उससे ज्यादा होने पर 10 फीसदी का टैक्स लगता है. कैपिटल गेन का नियम म्यूचुअल फंड पर भी लागू होता है. हालांकि, डेट फंड और इक्विटी फंड के लिए यह नियम अलग-अलग है.

इक्विटी फंड के लिए टैक्स के नियम

अगर किसी म्यूचुअल फंड में 65 फीसदी इक्विटी में निवेश किया गया है तो यह इक्विटी फंड कहलाता है. इक्विटी फंड के लिए 1 साल से कम निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और एक साल से ज्यादा निवेश रहने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. शॉर्ट टर्म गेन पर 15 फीसदी का टैक्स लगता है. इसके अलावा सेस और सरचार्ज लगता है.

1 साल से ज्यादा पर LTCG

अगर इक्विटी फंड में 1 साल से ज्यादा निवेश किया है तो यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाता है. 1 लाख तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स फ्री होता है. उससे ज्यादा कैपिटल गेन होने पर 10 फीसदी का टैक्स लगता है. सेस और सरचार्ज अलग से लगता है.

डेट फंड के लिए टैक्स के नियम

अगर किसी म्यूचुअल फंड के लिए 65 फीसदी डेट एक्सपोजर है तो इसे डेट फंड कहते हैं. डेट फंड के लिए तीन साल यानी 36 महीने से कम शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के अंतर्गत आता है. उसके बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का नियम लागू होता है. डेट फंड में निवेश करने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन आपकी टोटल इनकम में जुड़ जाती है. इनकम टैक्स के हिसाब से टैक्स की दर लागू होती है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 20 फीसदी का टैक्स लगता है. इसके अलावा सेस और सरचार्ज लगता है. इसमें कोई फ्री लिमिट नहीं है.

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