Actor Pankaj Kumar is telling the reason for not getting work early in acting, Jaipur News in Hindi

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Actor Pankaj Kumar is telling the reason for not getting work early in acting - Jaipur News in Hindi




जयपुर । किसी ने सच ही कहा है,कि जब आप अपने डर के आगे अपने सपने को ज्यादा महत्व देंगे तो चमत्कार हो सकता है, सपना देखना आवश्यक है,लेकिन यह केवल तभी हो सकता है, जब आप अपने पूरे दिल से बड़ा सपना देखें तभी आप सपने को हासिल करने मैं सक्षम होंगे ऐसे ही सपने लिए जिला करौली,राजस्थान के रहने वाले पंकज कुमार अपने सपनों की दुनिया में सपनों के पंख लगा कर उड़ान भरते हुए, साकार करते नजर आ रहे है ।
राजस्थान के करौली जिले के पास एक छोटा सा गांव है,कैमला वहां से निकल कर देहरादून, उत्तराखंड से वैज्ञानिक क्षेत्र में पढाई पूरी करने के बाद अभिनेता पंकज कुमार देहरादून में, जो भी फिल्म आती थी, उन फिल्मों में कार्य किया करते थे,और काफी संघर्ष के बाद उन्हें छोटे-छोटे काम विज्ञापनों,टीवी शो और फिल्मों में मिलने लगे। देहरादून उत्तराखंड में पढाई करते हुए उन्होंने बॉलीवुड स्कूल ऑफ आर्ट्स एक्टिंग स्कूल में ट्रेनिंग ली थी। करीब 4 साल की मेहनत के बाद उन्हें फीचर फिल्म महर्षि,पेट्टा,मरने भी दो यारों,ये साली आशिकी,पंच बीट, मांजलि और बाटला हाउस जैसी उन्हें काफी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला और चर्चा में आये। फिल्म में उनके अभिनय की आलोचकों ने काफी प्रशंसा की और आगे उन्हें इसका फायदा मिल रहा है, हालाँकि अभी भी वे संघर्ष कर रहे है, लेकिन धीरज की कमी उनमे नहीं है, वे हर बार एक अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाना चाहते है।

कोई जान-पहचान नहीं है, यहाँ तक पहुँचने में उन्हें 6 साल लग गए है। पंकज कहते हैं, की संघर्ष अभी भी जारी है, काम का संघर्ष रहता है, क्योंकि बाहर से आकर फिल्म हिट होने पर भी नया काम मिलने में समय लगता है,परिवारवाद से संपर्क रखने वालों को थोडा अधिक काम अवश्य मिलता है,नए कलाकार को आगे आने में समय लगता है, लेकिन एक या दो शो हिट होने पर उन्हें भी काम मिलता है। पंकज कुमार कहते हैं कि मेहनत का फल मिलने लगा है,बाहर से आने वालों के लिए संघर्ष अवश्य होता है।

इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वालों को आज भी अच्छा नहीं माना जाता। लोग अपने बेटे को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना चाहते है, आर्ट के क्षेत्र को तवज्जों नहीं दी जाती, लेकिन पंकज के पेरेंट्स पढाई पूरी कर इस फील्ड में आने की सलाह दी, कहावत है कि यहाँ काम करना आसान है, लेकिन काम ढूँढना बहुत मुश्किल है। असल में काम ढूंढने की प्रोसेस बहुत कठिन है।

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Web Title-Actor Pankaj Kumar is telling the reason for not getting work early in acting

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