एसिडिटी का घरेलू इलाज है ये नुस्खा, नियमित सेवन से हाजमा रहेगा दुरुस्त

<p style="text-align: justify;">सीने पर जलन होना, पेट में गर्मी या एसिडिटी की समस्या होना, आज की सबसे आम बीमारियां हैं. इनसे बचने के लिए ज्यादातर लोग अंग्रेजी दवाओं का उपयोग करते हैं, जो कुछ देर के लिए राहत देती हैं लेकिन अगले कुछ घंटे बाद ही इन दवाओं की फिर से जरूरत होने लगती है क्योंकि जलन और एसिडिटी लौट आती है. इस समस्या से बचने के लिए शुद्ध देसी इलाज है आंवला पाउडर. इसका असर भी आपको पहली ही बार में दिखाई देगा. इसका सेवन करना बहुत आसान है. इसलिए इसके स्वाद को लेकर चिंता ना करें. हम आसान विधि लेकर आए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जल्द दिखता है रिजल्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सीने पर जलन हो रही है या पेट में गर्मी की समस्या परेशान कर रही हो. इन दोनों ही समस्याओं से बचाने में आंवला पाउडर बहुत अधिक लाभकारी है क्योंकि यह आपकी जलन को तुरंत शांत करता है और आपको कुछ ही सैकेंड्स के अंदर आराम मिल जाता है. आंवला एक ऐसा फल है, जिसे साल में हर दिन और हर सीजन में उपयोग किया जा सकता है. यह हमेशा ही शरीर को लाभ देता है और बॉडी से विषैले पदार्थ निकालने के काम करता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>उपयोग की विधि</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आंवला पाउडर का सेवन करने के लिए आप रात को सोने से पहले 1 चम्मच आंवला पाउडर एक ग्लास पानी में भिगोकर रख दें. आप सुबह उठकर सबसे पहले इस पानी को छानें और धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके इसका सेवन करें. ध्यान रखें आपको यह पानी एक सांस में नहीं गटकना है. बल्कि धीरे-धीरे चाय की तरह पीना है. ऐसा करने से आपके सीने की जलन और पेट की गर्मी शांत होती हुई अनुभव होगी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">आप इस विधि से आंवला पाउडर का हर दिन सेवन करें. फिर चाहे आपके सीने पर हो रही जलन पूरी तरह ठीक ही क्यों ना हो गई हो क्योंकि सुबह खाली पेट आंवला पानी पीने से कई लाभ होते हैं जैसे…</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>शरीर निरोग बनता है.</li>
<li>पाचन बेहतर होता है.</li>
<li>गैस की समस्या दूर होती है.</li>
<li>पूरे दिन शरीर में एनर्जी बनी रहती है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">अब अगर सिर्फ हर दिन एक चम्मच आंवला पाउडर लेने पर इतने लाभ मिल रहे हैं तो इस विधि को अपनाने में हानि क्या है! इस बात का ध्यान रखें कि हर 15 या 21 दिन में इस विधि को कुछ-कुछ दिन के लिए रोक दें और फिर दोबारा इसका सेवन शुरू करें. आप एक सप्ताह के ब्रेक के बाद फिर से इसका सेवन शुरू कर सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</strong></p>

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